Sunday, December 13, 2015

Marwaari Manuhaar !!

Being a Marwaari, I very well understand the importance of "Maan-Manuhaar" during weddings.
This poem is just a small sample of Manuhaar for the wedding invite.




प्रथम गणपति को पूजकर, करके शुभ विचार
बहुत उत्साह से दे रहे हैं, आपको ये समाचार ||

बड़े विनय से हाथ जोड़कर, करते हैं मनुहार |
हमारी बिटिया के विवाह में आना सपरिवार ||

शुभ घड़ी आई है, दहलीज़ पर हमारी,
नए रिश्तें में ढ़लने को तैयार है, श्रुति बिटिया हमारी

झूम उठेंगे आँगन चौबारे, जब दूल्हा बन आएंगे निकेत दुलारे, 

बुधवार 3 फ़रवरी को होगी, गीत ढोल घुंघरू की झाँझ |
गुरुवार 4 फ़रवरी को है, शुभ सुखद लगन की साँझ ||

रमेश जी और सविता जी, समधी समधन है मुंबई वासी |
गोविन्द-शकुन, झँवर कुटुंब के संग, आपके दर्शन के अभिलाषी ||

आना सपरिवार होगा, बहाना कोई करना नहीं |
माफ़ी चाहते हैं, समय नहीं मिला, ये सब कहना नहीं ||

आप लोगों के आने से ख़ुशी होगी अपार |
वर वधु पाएंगे आपसे, शुभ आशीष और प्यार ||

Friday, December 11, 2015

मेरी बिटिया लगती है यूँ चंदा जैसी



Wedding being a happy occasion for everybody in family but on the other hand every mother has a mixed bag of emotions. She is happy for her daughter but she feels sad to give away  apple of her eye.

She pacifies herself thinking that even if her daughter is away from her, she will make her parents proud by her humble nature and Sanskaars.






मेरी बिटिया लगती है यूँ चंदा जैसी,
मैं अक्सर रातों में उसे निहारा करती हूँ
सब सो जाते हूँ तब चुपचाप अंधेरे मे
मैं उसके भविष्य को सवारा करती हूँ

बचपन में थी वो शैतान की नानी,
करती थी अपनी मनमानी
कभी करती थी खूब शरारत,
तो कभी करती थी नादानी

कहती थी, जब आएगा मेरा राजकुमार,
घोड़े पे लेके जाएगा उस पार
गुड्डे गुड़िया का खेल लगता था उसको प्यारा
उसके नन्हें कदमों से घर लगता था न्यारा

उसकी नादान बातों पर आता था मुझको प्यार
पापा की आँखो से तो छलकता था दुलार
भैया का गुस्सा तो जैसे गायब हो जाता
जब उसकी मासूम हँसी से सारा घर खिलखिलता

देकर अपनी बिटिया को संस्कार निराले
कर रही हूँ आज किसी और के हवाले
अब बैचैन-सा होगा पापा का मन भी
जब रातों को नही होगी वो तकिये किनारे

दिल को तसल्ली दूँगी उसे चंदा समझकर
वो अब करती है किसी और घर मे उजियारा
अपनी ख़ुशनसीबी पर मुझको भी गर्व होगा
जब कोई ये कहेगा, "तुम्हारे चाँद से मेरा घर भी अब स्वर्ग होगा"