On my wedding, I wanted to express my feelings to my husband, I wanted to let him know the excitement and the thrills I had before wedding.
I decided to write down my feeling on a piece of paper, and what came out of it was amazing. I gave him this poem handwritten on the first page of our wedding invite and the expressions he had were priceless. He was truly mesmerized by each word of the poem.
Here is the glimpse of the poem....
होने को है सपना, साकार, रिश्तो ने लिया है नया आकार;
दोस्त बनके जो मिले, नये रिश्ते मे ढालने को है तैयार.
एक-दूजे का होने की है, मंगल बैला आई;
साथ चलेंगे हम ऐसे, जैसे कोई परछाई.
ढोल नगाडो के बीच, गूंजेगी मधुर शहनाई;
परिजनो के साथ करेंगे, खुशियों की अगवाई.
फूलो की खुशबू से, महकेगा घर-आँगन;
जब घोड़ी चढ़, द्वार आएँगे मेरे साजन.
दूल्हा होगा, बजे होंगे, और सजेगी बारात;
झिलमिल तारो के बीच, चमकेगी सुनहरी रात.
दुल्हन बनके द्वार पे, देखूँगी पिया की राह;
मान मे थिरकन लेगी, पिया मिलन की चाह.
एक-दूजे का साथ निभाने की, लेंगे हम कसमे;
अग्नि को साक्ष् मानकर, पूरी करेंगे रस्मे.
फेरो के बंधन से होगा, सात जन्मो का संगम;
उमंग उल्लास से होगा, नव-जीवन का शुभारंभ.
दोस्त बनके जो मिले, नये रिश्ते मे ढालने को है तैयार.
एक-दूजे का होने की है, मंगल बैला आई;
साथ चलेंगे हम ऐसे, जैसे कोई परछाई.
ढोल नगाडो के बीच, गूंजेगी मधुर शहनाई;
परिजनो के साथ करेंगे, खुशियों की अगवाई.
फूलो की खुशबू से, महकेगा घर-आँगन;
जब घोड़ी चढ़, द्वार आएँगे मेरे साजन.
दूल्हा होगा, बजे होंगे, और सजेगी बारात;
झिलमिल तारो के बीच, चमकेगी सुनहरी रात.
दुल्हन बनके द्वार पे, देखूँगी पिया की राह;
मान मे थिरकन लेगी, पिया मिलन की चाह.
एक-दूजे का साथ निभाने की, लेंगे हम कसमे;
अग्नि को साक्ष् मानकर, पूरी करेंगे रस्मे.
फेरो के बंधन से होगा, सात जन्मो का संगम;
उमंग उल्लास से होगा, नव-जीवन का शुभारंभ.
Beautiful...I could imagine you as bride...while reading each line ...
ReplyDeleteThank you Sampy :) This is my favourite one...
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